Rapid Corridor : सौ एकड़ में विकसित होगा औद्योगिक क्षेत्र, परतापुर-मोदीपुरम में बनेंगे होटल शोरूम

मेरठ। रैपिड कॉरिडोर में परतापुर और मोदीपुरम में स्पेशल डवलपमेंट एरिया (एसडीए) और स्टेशनों पर इंफ्लुएंस जोन (आईजेड) विकसित होंगे। इनमें व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ाया जाएगा। इसके तहत होटल, गाड़ियों के शोरूम, रेस्टोरेंट, कामर्शियल कांप्लेक्स बनाए जाएंगे। यहां पर भू-उपयोग भी व्यवसायिक और मिश्रित में परिवर्तित किया जाएगा। वहीं अब एमडीए की बजाय एनसीआरटीसी ही रैपिड कॉरिडोर का जोनल प्लान तैयार करेगा।

दोनों छोर होंगे विकास के केंद्र
एमडीए रैपडि रेल के जरिए वित्तीय निवेश के लिए नई गतिविधियां शुरू करने के साथ ही आमदनी भी बढ़ाएगा। रैपिड के दोनों छोर परतापुर तथा मोदीपुरम एसडीए के तहत विकास के केंद्र होंगे। एमडीए की ओर से वैल्यू कॉस्ट कैप्चर (वीसीसी) प्लानिंग के तहत रैपिड के दोनों ओर से 500-500 मीटर क्षेत्र में होटल, रेस्टोरेंट, गाड़ियों के शोरूम, रेस्टोरेंट आदि लाए जाएंगे। इससे होने वाली का आरआरटीएस और एमडीए के बीच आधा-आधा बंटवारा होगा। शासन की ओर से इसे मंजूरी दे दी गई है।

परतापुर में एक्सप्रेसवे, रैपिड रेल, पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, फ्रेट कॉरिडोर आदि प्रोजेक्ट एक दूसरे को इंटरचेंज करेंगे। ऐसे में परतापुर में करीब 100 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना है। इसे मेरठ महायोजना में भी शामिल करने की तैयारी है। सिटी डवलपमेंट प्लान के तहत औद्योगिक क्षेत्र की ओर विकास की जहां-जहां संभावनाएं होंगी उन्हें विशेष तौर पर इंगित किया जाएगा।

पांचवीं सुरंग का काम हुआ तेज
दिल्ली से मेरठ का सफर आरआरटीएस से महज 50 मिनट में हो जाएगा। सीधे तौर पर एक घंटे के भीतर मेरठ से दिल्ली जा सकेंगे। तेजी से रैपिड का काम चल रहा है। सुदर्शन मशीन के जरिए भैसाली मैदान से बेगमपुल तक अंडरग्राउंड सुरंग तैयार की जा रही है। करीब एक किमी लंबी इस सुरंग का काम तेज गति से जारी है। मेरठ सेंट्रल, भैंसाली और बेगमपुल तीन भूमिगत स्टेशन हैं। इनमें छह समानांतर सुरंग तैयार होंगी। पांचवीं सुरंग पर काम शुरू हो गया है।

नीचे कार्यालय, ऊपर होगा मकान
रैपिड कॉरिडोर के मद्देनजर भू उपयोग परिवर्तन को लेकर नीति बनेगी। ऐसे में व्यवसायिक गतिविधियों पर जोर रहेगा। टीओडी वाले क्षेत्र में मिश्रित भू उपयोग रहेगा। इसमें बराबर और ऊपर नीचे पहले से बने भवन में विस्तार किया जा सकेगा। नीचे जहां कार्यालय बनाया जा सकता है तो वहीं ऊपर रहने के लिए मकान भी बना सकेंगे। मानचित्र के लिए एमडीए के साथ ही एनसीआरटीसी से भी इसे स्वीकृत कराना होगा।

एनसीआरटीसी तैयार करेगा जोनल प्लान
एमडीए ही रैपिड कॉरिडोर का जोनल प्लान तैयार कर रहा था। एमडीए ने मेरठ महायोजना-2031 में परतापुर और मोदीपुरम एसडीए के रूप में चिह्नित किया है। ऐसे ही रैपिड के स्टेशन पर 500 मीटर का क्षेत्र आईजेड के रूप में चिह्नित किया गया है, इनमें व्यावसायिक गतिविधियों को प्रमुखता दी जाएगी। एमडीए सचिव चंद्रपाल तिवारी ने बताया कि जोनल प्लान अब एनसीआरटीसी तैयार करेगा, इसके लिए शासन की ओर से निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत ट्रेफिक लोड, फुट फॉल, ट्रांसपोर्टेशन, ट्रैफिक मैनेजमेंट आदि बिंदुओं पर जोनल प्लान बनाया जाएगा।

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