मां-बेटी के जिंदा जलने का मामला : एसपी हरदोई की अगुवाई में गठित हुई SIT, लेखपाल और जेसीबी चालक को भेजा गया जेल

कानपुर देहात के चालहा गांव में कब्जा हटाने के दौरान मां-बेटी की जलने से हुई मौत के मामले की जांच के लिए एक और एसआईटी का गठन किया गया है। शासन की तरफ से गठित एसआईटी का नेतृत्व एसपी हरदोई राजेश द्विवेदी करेंगे। साथ ही घटना की विवेचना हरदोई में तैनात डिप्टी एसपी विकास जायसवाल को सौंपी गई है।
विवेचक डिप्टी एसपी के शुक्रवार को टीम के साथ कानपुर देहात आने की संभावना है। इसके पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के निर्देश पर बनी एसआईटी में मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर और एडीजी आलोक सिंह शामिल है। बता दें कि मड़ौली ग्राम पंचायत के चालहा गांव में सोमवार को एसडीएम दलबल के साथ कब्जा हटाने पहुंचे थे।
इस दौरान कृष्ण गोपाल की पत्नी प्रमिला और बेटी नेहा झोपड़ी के भीतर गई। वहां संदिग्ध हालात में आग लगने से मां-बेटी जिंदा जल गई। मंगलवार को दिनभर हंगामा चला था। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के बात करने के बाद परिजन मानें थे।

39 लोगों पर दर्ज हुई थी रिपोर्ट
इसके बाद बुधवार को मां-बेटी का बिठूर में पुलिस अफसरों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया था। वहीं, बेटे शिवम की तहरीर पर मैथा एसडीएम ज्ञानेश्वर प्रसाद, लेखपाल अशोक कुमार, रुरा थानाध्यक्ष दिनेश गौतम, जेसीबी चालक दीपक समेत 39 लोगों के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई थी।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुआ था एसआईटी का गठन
इसके बाद एसडीएम व लेखपाल को निलंबित कर दिया गया। पुलिस ने आरोपी लेखपाल व जेसीबी चालक को गिरफ्तार कर लिया था। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दो सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया था। इसमें कानपुर के मंडलायुक्त व एडीजी शामिल है।

डीजीपी ने गठित की एसआईटी
गुरुवार को विवेचना के लिए डीजीपी ने एसआईटी गठित की है। एसपी हरदोई की अगुवाई में पांच सदस्यीय एसआईटी गठित की है। इसमें डिप्टी एसपी विकास जायसवाल को विवेचक बनाया गया है। साथ ही हरदोई के शहर कोतवाल संजय पांडेय, क्राइम ब्रांच से रमेश चंद्र, महिला थाना प्रभारी रामसुखारी सदस्य बनाए गए हैं।

लेखपाल और जेसीबी चालक को भेजा गया जेल
वहीं, चालहा गांव में मां-बेटी की जलने से हुई मौत मामले आरोपी लेखपाल और जेसीबी चालक को पुलिस ने गुरुवार को अदालत में पेश किया। वहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त जेबीसी और लेखपाल की लग्जरी कार को भी बरामद कर लिया है।

अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश जारी
वहीं, बाकी आरोपियों की तलाश में पुलिस की पांच टीमें संभावित ठिकानों में दबिशें दे रही है। प्रमिला और उनकी बेटी नेहा की मौत के मामले में एसडीएम मैथा ज्ञानेश्वर प्रसाद, लेखपाल अशोक, जेसीबी चालक दीपक समेत 39 लोगों के खिलाफ रुरा थाने में हत्या व हत्या का प्रयास समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।

पहले दर्ज मामले की विवेचना रुरा थानाध्यक्ष को दी गई थी। इसके बाद एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने विवेचना अकबरपुर थाना प्रभारी प्रमोद शुक्ला को सौंप दी थी। विवेचक थाना प्रभारी ने बताया कि हत्यारोपी लेखपाल अशोक कुमार व जेसीबी चालक रोशनमऊ रुरा निवासी दीपक को गिरफ्तार किया गया है।

दोनों का गुरुवार को जिला अस्पताल में चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। इसके बाद अदालत में पेश किया गया। वहां से दोनों क न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। घटना में प्रयुक्त जेसीबी व लेखपाल की कार को भी बरामद कर लिया गया है।

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