बहुत बहादुर थे दरोगा इंद्रजीत, फिर क्यों उजाड़ ली जिंदगी, उठ रहे बड़े सवाल, जल्द खुलेगा सुसाइड का असली राज

मेरठ। मेरठ में खुदकुशी करने वाले इंद्रजीत सिंह को पांच माह पहले सहारनपुर में निलंबित किया गया था। इसकी विभागीय जांच भी शुरू हुई थी। इसके चलते घरेलू कलह के साथ ही इस बिंदु पर भी मेरठ पुलिस जांच कर रही है कि विभागीय कार्रवाई से किसी तरह का तनाव तो नहीं था। आखिर ऐसा क्या कारण रहा कि पिस्टल से गोली चलाकर जान दे दी। 

वहीं, एसएसपी सहारनपुर डॉ. विपिन टाडा का कहना है कि दरोगा इंद्रजीत बहादुर थे और उन्होंने कुछ दिन पहले कई इनामी बदमाश भी पकड़े थे। एक शिकायत पर पांच महीने पहले उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई हुई थी, लेकिन इस मौत का विभागीय कार्रवाई से कोई संबंध नहीं है। वहीं, मेरठ के एसपी सिटी पीयूष सिंह ने कहा कि घरेलू कलह के साथ ही अन्य संभावित कारणों की जांच भी की जा रही है।

परिवार के साथ शादी समारोह में जाना था
इंद्रजीत सिंह 2013 बैच के दरोगा थे। वह लंबे समय तक मेरठ के मवाना, रेलवे रोड, टीपीनगर और जानी थाने में भी रह चुके थे। फिलहाल वह सहारनपुर के थाना कोतवाली नगर की सरायगंज चौकी प्रभारी थे। बृहस्पतिवार को उन्हें परिवार के साथ एक शादी समारोह में जाना था। इस कारण बुधवार को तीन दिन की छुट्टी लेकर आवास पर आए थे। 

उनकी बेटी खुशी (17) देहरादून में नीट की तैयारी के लिए कोचिंग कर रही है। वह उसे भी अपने साथ लेकर आए थे। बुधवार रात वह अपने कमरे में थे और उनकी पत्नी नवनीत कौर, बेटी खुशी और बेटे अर्शदीप (14) के साथ दूसरे कमरे में थीं। दरोगा अपने कमरे में तेज आवाज में संगीत सुन रहे थे। देर रात तक जब संगीत बजता रहा तो बच्चों ने मां से संगीत बंद कराने के लिए कहा। 

इसके बाद नवनीत कौर ने दरोगा के कमरे का दरवाजा पीटा तो वह अंदर से बंद था। इसके बाद उन्होंने दूसरे दरवाजे को खोजने की कोशिश की तो वह भी बंद ही था। तीसरा दरवाजा खोलकर देखा तो वह बेड पर पड़े थे और चारों ओर खून फैला हुआ था। बाद में परिजन उन्हें मेडिकल कॉलेज लेकर गए थे।

पत्नी के साथ चल रहा था विवाद
मेरठ पुलिस के अनुसार दरोगा इंद्रजीत सिंह का पत्नी नवनीत कौर से लंबे से विवाद चल रहा था। बुधवार रात भी उनमें विवाद हुआ था। इसके बाद ही दरोगा ने अपने कमरे में अवैध पिस्टल से गोली मारकर खुदकुशी कर ली। हालांकि अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है।

पत्नी का 12 फरवरी को है पीसीएस जे का पेपर
दरोगा के ससुर नरेंद्र ने बताया कि नवनीत कौर एलएलबी की पढ़ाई पूरी कर चुकी है। वह अब पीसीएसजे (न्यायिक सेवा) की तैयारी कर रही थी। 12 फरवरी को उनका पेपर है। वहीं बेटी खुशी नीट में पास नहीं होने के कारण अब देहरादून में रहकर तैयारी कर रही है। दरोगा का बेटा अर्शदीप नौवीं कक्षा में पढ़ता है।

इंस्पेक्टर के लिए कर चुके थे प्रशिक्षण
इंद्रजीत सिंह सिपाही के पद भर्ती हुए थे। वह कई साल तक हेडमोहर्रिर रहे। वर्ष 2013 में वह दरोगा बने थे और 2022 में वह इंस्पेक्टर के लिए प्रशिक्षण भी कर चुके थे, लेकिन उन्हें अभी तक तीसरा स्टार नहीं लगा था। आसपास में रहने वाले पुलिसकर्मियों का कहना था कि इंद्रजीत बहुत ही खुशमिजाज थे। होली और दिवाली को वह सबके साथ त्योहार मनाते थे।

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