मेरठ कार्तिक मर्डर केस : थप्पड़ के बदले में ऐसी वारदात, कांप उठा कलेजा, जानिए कत्ल के पीछे की पूरी कहानी

मेरठ में कार्तिक भड़ाना की हत्या अचानक होने वाली घटना नहीं हैं, बल्कि पूरी सोची समझी साजिश है। जिसकी जिम्मेदार 11वीं की छात्रा, उसकी सहेली, नामजद वरुण शर्मा और मेडिकल पुलिस है।

छात्रा से सहपाठी वरुण शर्मा दोस्ती करना चाहता था। ये बात छात्रा ने अपनी सहेली को बता दी। सहेली ने छात्रा को समझाने की बजाए, उसको भड़काया और वरुण को सबक सिखाने की बात कहकर तीन दिन पहले फोन कर सूरजकुंड पार्क में बुलाया। जहां पर छात्रा ने वरुण को थप्पड़ मारकर दोस्ती का प्रस्ताव ठुकरा दिया। 

वहीं अगले दिन वरुण की मां और भाई तरुण छात्रा से स्कूल में मिले। उसके बाद वरुण व तरुण ने आकाश और उसके दोस्तों को सबक सिखाने की ठान ली। जिसका नतीजा कार्तिक की हत्या है।

बीएससी के छात्र कार्तिक की हत्या की गुत्थी 24 घंटे बाद बृहस्पतिवाार को मेडिकल पुलिस ने सुलझा ली। नामजद मुख्य आरोपी तरुण शर्मा और ग्यारवीं की छात्रा से पुलिस ने घंटों पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, छात्रा का बारहवीं के छात्र आकाश उर्फ अक्की से प्रेम-प्रसंग चल रहा है। नामजद वरुण शर्मा ने भी छात्रा से दोस्ती करने का प्रस्ताव तीन महीने पहले रखा था। जिसको छात्रा ने ठुकराया और परिजनों को बताने की बजाय आकाश को बताया। जिसको लेकर आकाश और वरुण के बीच तनातनी रहने लगी। 

बताया गया कि यह बात स्कूल मैनेजमेंट और मेडिकल पुलिस को भी पता थी। इसके बावजूद जिम्मेदार गंभीर नहीं हुए। वरुण बार-बार छात्रा से बात करने का प्रयास करता रहा। यह बात छात्रा ने तीन दिन पहले सहेली को भी बताई थी।

सहेली ने छात्रा को भड़काया और वरुण को सबके सामने सबक सिखाने की बात कहकर वरुण को कॉल करके नोट्स लेने के बहाने तीन दिन पहले ही शाम को सूरजकुंड पार्क में बुलाया। जहां पर छात्रा ने वरुण को थप्पड़ मारकर उसकी दोस्ती का प्रस्ताव ठुकरा दिया। बेइज्जत होने पर वरुण ने छात्रा को धमकी दी कि थप्पड़ मारकर ठीक नहीं किया। उसकी मां और भाई तरुण भी छात्रा से मिलकर धमकी देकर आ गए। लेकिन शायद किसी को अहसास नहीं हुआ कि दोनों भाई बदला देने के लिए किसी का कत्ल कर सकते है।

यह दोनों भाई आकाश उर्फ अक्की या उसके दोस्तों को मारना चाहते थे। आकाश के साथ सोपिन गुर्जर, कार्तिक भड़ाना, उमंग, उज्जवल रहते है। वरुण, उसके भाई तरुण सोमदत्त विहार गेट स्थित बीडीएस स्कूल के पास दोस्तों के साथ खड़े थे। जहां पर दोनों पक्ष में मारपीट-चाकूबाजी हुई। जिसमें कार्तिक भड़ाना की हत्या हो गई।

तरुण बोला, मारना नहीं… सबक सिखाना चाहते थे
पुलिस के मुताबिक, हत्यारोपी तरुण शर्मा ने पूछताछ में बताया कि वह बीए में पढ़ता है। वह कार्तिक को मारना नहीं चाहते थे। इतना जरूर था कि वे सबक सिखाने के लिए सोमदत्त विहार के पास पहुंचे थे। छोटे भाई वरुण ने फोन करके उसको सेंट्रल मार्केट, शास्त्रीनगर से बुलाया था। आकाश, कार्तिक सहित कई छात्र डंडे, तमंचे और चाकू लेकर आए थे। वह बार-बार धमकी दे रहे थे, जिस पर चाकूबाजी हो गई। कार्तिक को चाकू लग गया, जिसमें उसकी मौत हो गई।

जाग जाते तो बच जाती कार्तिक की जिंदगी
तीन दिन से सिविल लाइन और मेडिकल थाना क्षेत्र में छात्रों में गुटबाजी चल रही थी। खूनखराबा हो सकता था, यह बात वरुण को थप्पड़ लगने के बाद सामने आ गई थी। बावजूद पुलिस की नींद नहीं टूटी। पुलिस और स्कूल मैनेजमेंट थोड़ा जाग जाते तो शायद कार्तिक की जान बच जाती। छात्रा, उसकी सहेली और वरुण के परिवार के लोगों के बीच तीन दिन से खिचड़ी पकती रही, लेकिन किसी ने जिम्मेदारी नहीं निभाई।

छात्रों के गुटों में तनातनी
मेडिकल क्षेत्र में छात्रों के कई गुट बने हैं। वर्चस्व, छात्रा से छेड़छाड़ या फिर प्रेम प्रसंग को लेकर छात्रों के बीच रोजाना खूनखराबे की घटना होती है। इसके बावजूद पुलिस गंभीर नहीं है। चौधरी चरणसिंह विश्वविद्यालय हो या फिर अन्य कॉलेजों का मामला, यहां छात्रों के अलग-अलग गुट बने हुए हैं। आकाश उर्फ अक्की और वरुण के गुट में भी करीब 20 से अधिक छात्र शामिल है। जिन पर कार्रवाई करने की अब पुलिस तैयारी कर रही है।

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